धनुरासन कैसे करें? और उनके लाभ How to do Dhanurasana in hindi

धनुरासन dhanurasana in hindi

धनुरासन का अर्थ धनुष जैसी मुद्रा।  इसमें हाथों को तीर के सामान पेट व टांग को स्ट्रेच करने के काम में लाया जाता है तथा मुद्रा तीर और कमान से मिलती जुलती है। तीर को निशाने पर लगाने के लिए कमान का प्रयोग करते हैं, यह हमारा शरीर कमान है तथा आत्मा उसका तीर इस आसान को डेढ़ को हम आगे की ओर  झुकाते है।

यह आसान भुजंगासन तथा सलभासन का मिश्रण है, यदि यह दोनों साथ में किया जाये तो शरीर में बहुत सारे लाभ मिलेंगे। 

 

धनुरासन कैसे करें?how to do dhanurasan in hindi

सबसे पहले पेट के बल मुँह के बल फर्स  पर लेट जाएँ चेहरा निचे झुका रहे। 
मासपेशियों को ढीला छोड़ें और बाजुओं को शरीर के साथ सटाएं। 
घुटनो को मोड़ें, बाजुओं को निकाल कर टखनों को हाथों से पकड़ें। 
छाती और सिर को ऊपर की तरफ उठायें और फेफड़ों से हवा भरें। 
हाथों और टांगों को सीधा करके उठायें। 
जिस प्रकार टाँगें ऊपर की ओर उठाई है उसी प्रकार छाती को ऊपर उठायें। 
साँस को रोककर धीरे-धीरे साँस छोड़े, घुटनो को इक्ठा रखें।  
कुछ सेकंड वहीँ रुकें फिर-धीरे-धीरे छाती और घुटने निचे लाते हुए 
 टखने छोड़ते हुए तथा हाथों को फर्श पर रखते हुए पुरानी अवस्था में लौटें। 

धनुरासन के  अतुल्य लाभ Benefit Dhanuasan in hindi

 
इस आसान को करने से पेट की पेसियों में खिचाव आता है। इससे पाचन में सहायता मिलती है इस आसान के द्वारा पेट की अच्छी मालिस हो जाती है, यह आसन पेट की कब्ज और अन्य विषंगतियों को को दूर करता है यह रीढ़ का कूबड़ तथा टांगों घुटनो और हाथों का रेयुटिज्म ठीक करता है। चर्बी को काम करने में मदत करता है और  में स्फूर्ति लता है। 
 

पेट और पीठ की मशल्स को शक्तिशाली बनता है 

प्रजनन अंगों को उत्तेजित करता है। 

इस आसान को करने से कन्धों और छाती  को खोल देता है। 

यह हाथों और पैरों की माशपेशियों को टोन करता है। 

पीठ को  अधिक लचीला करता है। 

महिलाओं के मासिक धर्म की परेशानी और कब्ज से राहत दिलाता है। 

गुर्दे की बीमारी में लाभकारी है। 

 

किनको नहीं करना चाहिए?

अगर आपको इनमें से  कोई परेशानी है तो आप धनुरासन  का अभ्यास न करें:

उच्च या निम्न रक्तचाप

हरनिया

गर्दन में चोट

पीठ के निचले हिस्से में दर्द

सिरदर्द माइग्रेन

हाल ही में पेट की सर्जरी

महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान इस योग मुद्रा का अभ्यास करने से बचना चाहिए।

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