प्रोटीन क्या है, यह हमारे शरीर के लिए कितना आवश्यक है, protein types, Sources, Functions in Hindi

दोस्तों अगर आप व्यायाम करते है तो आपने सुना होगा की आपके शरीर के लिए प्रोटीन लेना कितना आवश्यक है लेकिन जरुरी नहीं की जब कोई व्यक्ति व्यायाम करे तभी उसको प्रोटीन की आवश्यक्ता पड़ती है, प्रोटीन की जरुरत  हर व्यक्ति को पड़ती है, प्रोटीन शब्द का प्रयोग सर्व प्रथम  जे  बर्जीलियस  नामक वैज्ञानिक ने किया था | 
 

प्रोटीन (What is Protein) 

प्रोटीन अत्यंत जटिल कार्बनिक पदार्थ है, इसका निर्माण कार्बन, हाइड्रोजन, आक्सीजन, एवं नाइट्रोजन जैसे अणुओ से मिलकर बना होता है, कुछ ऐसे प्रोटीन होते है जो सल्फर, जिंक कॉपर, तथा फास्फोरस बहुत ही कम मात्रा में पाए जाते है  यह शरीर के पोषण, शारीरिक वर्द्धि , शरीर की मरम्मत व जैविक क्रियाओं के लिए आवश्यक है  यह एक जटिल कार्बनिक यौगिक है जो 20 अमीनो अम्लों से मिलकर बना होता है हमारे शरीर  का 15 % भाग प्रोटीन से  बना होता है 
 
 

 

 

प्रोटीन के प्रकार (types of protein )

 प्रोटीन  सामान्यता तीन प्रकार के होते हैं 

  1. सरल प्रोटीन  (Simpal protein) यह ऐसे प्रोटीन होते है जो केवल अमीनो अम्ल के बने होते हैं जैसे अल्ब्यूमिन्स, ग्लोब्युमिन्स, हिस्टोन आदि 
  2. संयुक्त प्रोटीन (Combined protein)   यह प्रोटीन ऐसे प्रोटीन हैं जो एमिनो अम्लों के साथ पदार्थों के साथ अणु मिले रहते है , जैसे क्रोमो प्रोटीन, ग्लाइको प्रोटीन आदि 
  3. व्युत्पन्न प्रोटीन (Derived protein) यह प्रोटीन प्राकृतिक जलीय अपघटन (aqueous decomposition) के द्वारा बनते हैं जैसे प्रोटी अंस, पेप्टोन , आदि  

प्रोटीन के स्रोत (Sources of protein) 

जैसा की हमारे शरीर को अपनी प्रोटीन्स की जरुरत को पूरा करने के लिए कुछ एमिनो अम्लों को बाहर के खाद्य पदार्थों के रूप में लेना पड़ता है वह खाद्य पदार्थ  शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के हो सकते है।
 
 

शाकाहारी ( Sources of Vegetarian proteins) 

शाकाहारी प्रोटीन्स में  सबसे पहले हम दूध से बने  खाद्य पदार्थों को हम शामिल करेंगे जैसे दूध ,दही ,पनीर ,दालें  भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत होती हैं जैसे चना , मसूर, मटर ,उड़द , राजमा, शाकाहारी में सोयाबीन में सबसे अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है।
 
 

 

 

 

मांसाहारी (sources of  Non Vegetarian  protein )

जो लोग मांसाहारी  है उन  लोगों के लिए  मांस, मछली, अंडा,  प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं, जो लोग मांसाहारी है उनको प्रोटीन के साथ-साथ और भी पोषक तत्व मिल जाते है जो उनके शरीर के लिए काफी फायदे मंद होते हैं | 
 
 
 

प्रोटीन के कार्य (Functions of  protein)  

हमारे भारतीय खाने में प्रोटीन का इतना ध्यान नहीं दिया जाता जिसकी वजह  हम बार बार बीमार पड़ते है और कई बिमारियों से ग्रसित रहते है, प्रोटीन अच्छी मात्रा में लेने से हमारी रोग प्रतिरोधक छमता मजबूत होती है ,यानि हमारा शरीर बिमारियों से लड़ने के लिए सक्षम  होता है ,प्रोटीन आवश्यक्ता पड़ने पर हमें ऊर्जा  देता है , त्वचा, तथा हड्डियों की सेल के विकास में आवश्यक होते हैं  हमारी मासपेशियों का विकास करने में मदत करता है, अनुवांशिकी लक्षण को रोकता है, प्रोटीन के द्वारा ही हमारे शरीर में एन्टीबॉडीस का निर्माण होता है | 
 

प्रतिदिन कितना प्रोटीन लेना चाहिए (How much protein per day) 

यह जानना जरुरी है की कितना प्रोटीन लेना चाहिए, यह आपके लक्ष्य पर निर्भर करता है,  क्योंकि जो लोग अधिक शारीरिक व्यायाम करते हैं, जैसे एथलीट, बॉडीबिल्डर वह अपनी शारीरिक मेहनत के अनुसार प्रोटीन की मात्रा लेते है, लेकिन एक आम व्यक्ति को अपने वजन के लगभग बराबर प्रोटीन प्रतिदिन लेना ही चाहिए, अगर कोई लड़का 60 किलो का है तो उसको 60 से 70  ग्राम प्रोटीन ले सकता है उसी प्रकार  लड़कियां भी, किसी लड़की का वजन 50 किलो है तो वह   55 से 60 ग्राम प्रोटीन ले सकती है।

 

प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग (Protein deficiency diseases)

शारीरिक वर्द्धि के लिए आपके आहार में प्रोटीन्स का होना बहुत ही आवश्यक है लेकिन कई बार प्रोटीन कि कमी के कारण बच्चों में  विकास रुक जाता है।  

बच्चों में प्रोटीन की कमी के कारण क्वाशियोर्कर( Kwashiorkor) एवं  मर्मर नामक रोग हो जाते हैं, इन रोगों में  बच्चों का  हाथ और पैर दुबला हो जाता है और पेट बाहर आ जाता है बच्चों की मासपेशियां ढीली हो जाती है।

 

 

प्रोटीन की कमी के कारण जोड़ों में दर्द, मासपेशियों में अकड़न की समस्या रहती है जिससे अर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है, अधिकतर प्रोटीन की कमी  के कारण लोगों  में बाल झड़ने की समस्या रहती है। 

 

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