कोविड-19 से बचना है तो इन तीन पोषक तत्वों का इस्तेमाल जरूर करें

आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली में कोशिकाओं और रसायनो का एक जटिल संग्रह होता है जो वाइरस व विषैले पदार्थों अऊर बैक्टीरिया सहित आक्रमणकारी रोगजनकों के खिलाफ लड़ते है व उनकी रक्षा करते हैं।

पुरे साल भर में बिमारियों संक्रमण व वायरस से बचने के लिए अपनी प्रतिक्षा प्रणाली को स्वस्थ व मजबूत रखना जरुरी है।

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत  करने के लिए आपको पौष्टिक खाद्य पदार्थ का सेवन करना व व्यायाम के साथ – साथ  भरपूर नींद लेना, स्वस्थ दिनचर्या आदि तरीके अपनाये जा सकते हैं।

इसके अलावा बीमारी व संक्रमण से बचने के लिए  अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए कुछ वटामिन्स, खनिज, व दवाइयों को लिया जा सकता है।

इस लेख के द्वारा हम आपको कुछ ऐसे सप्लीमेंट व दवाइयों के बारे में जानकारी  प्राप्त होगी  जो आपकी रोगप्रतिरोधक छमता को बढ़ाने में मदत करेगा, और आप कई रोगों व वायरस से बच सकेंगें।

विटामिन D

विटामिन डी वषा में एक घुलनशील पोषक तत्व  है  जो आपकी रोगप्रतिरोधक छमता को मजबूत बनाने व आपकी दिचर्या के काम में  सहायता प्रदान करता है।

विटामिन डी मोनोसाइड्स और मैक्रोफेज W.B.C की शक्ति को बढाकर  रोगों से लड़ने में मदत करता है और  आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली तेज करता है  तथा  इसके साथ – साथ सूजन को कम करने में मदत करता है।

और प्रतिरक्षा प्रक्रिया को बढ़ावा देने में मदत करता है कई लोगों को इस महत्वपूर्ण विटामिन की कमी हो जाती है जिसके बाद प्रतिरक्षा प्रणाली को नकारात्मक प्रतिरक्षा  प्रणाली को प्रभावित करता है, वास्तव में कम विटामिन डी का स्तर संक्रमण के जोखिम को बढ़ाता है, जिसमे इन्फ्लून्जा व एलर्जी अस्थमा बीमारियां शामिल है।

कुछ अध्यनो के द्वारा पता चला है की विटामिन डी को लेने से प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकते हैं, कई शोधों के दौरान यह पता चला है की  विटामिन डी को लेने से स्वसन तंत्र के संक्रमण से बचा जा सकता है।

कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है की विटामिन डी की खुराक कुछ संक्रमणों वाले लोगों में एंटीवाइरल वाली प्रक्रिया में सुधार करती है जिसमे से हेपेटाइटिस सी, और H.I.V भी शामिल है।

विटामिन कैसे लें ?

शरीर में रक्त के आधार पर विटामिन डी 500 से 800 IU लोगों के लिए पर्याप्त है लेकिन अधिक गंभीर व बीमार लोगों के लिए अक्सर अधिक खुराक देने की जरुरत होती है।

कोविड 19 के दौरान प्रतिरक्षा प्रणाली पर विटामिन डी का अत्यधिक शोध किया गया है, शोध के दौरान पता चला की हीलिंग को तेज करता है, स्वसन प्रणाली में सूजन को रोका जा सकता है।

कोविड 19 के उपचार व रोकथाम व विटामिन डी पर अधीक शोध की आवश्यकता है, हालाँकि स्वास्थ्य विज्ञानं समुदाय के भीतर कई पेशे वारों का मानना है कि विटामिन डी आम तौर पर सुरछित और व्यक्तियों को वाइरस से बचने में मदत करता है।

 

विटामिन C

विटामिन C  कि लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है यह संक्रमण से बचने के लिए और प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने में इसकी अहम भूमिका है। यह पोषक तत्व विभिन्न प्रतिरक्षा कोशिकाओं के कार्य का समर्थन करता है और संक्रमण से बचने के लिए व उनकी छमता को बढ़ाता है।

यह सेलुलर मौत के लिए भी आवश्यक है जो पुरानी कोशिकाओं को हटाकर और नई कोशिकाएं बनाकर प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाने में मदत करता है।

विटामिन C  एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है जो एक्सीलेटिव तनाव पूर्ण छति से बचाता है। जो मुक्त कणों के रूप में जाना जाता है प्रतिक्रियाशील अणुओं के संचय के साथ होता है।

विटामिन C  स्वसन के ऊपरी रस्ते से होने वाले संक्रमणों को कम करने में मदत करता है, इसमें साधारण सर्दी जुखाम व वाइरल जैसी बीमारियां शामिल हैं।

विटामिन C  कितना लें?

कई अध्ययनों में यह पाया गया है की विटामिन C  को प्रतिदिन 500 से 1000 mg  लेने से लोगों में 8% सर्दी कम हो जाती यही और बच्चों में 14% की कमी देखने को मिलती हैं, बच्चों में इसकी मात्रा में कटौती की जा सकती है।

मजे की बात यह है की जाँच के दौरान यह पाया गया है की प्रतिदिन विटामिन C  की खुराक लेने से अधिक शारीरिक मेहनत करने वाले व्यक्तियों व धावकों और सैनिकों को 50% तक साधारण ठंड लग जाती है।

इसके अलावा अधिक खुराक लेने वाले विटामिन C  को गंभीर बीमारी वाले लोगों में सुधार देखा गया है, जिसमे सेप्सिस तथा तेज स्वशन सिंड्रोम शामिल है जो फैलने वाले संक्रमण से उत्पन्न होते हैं।

 

जिंक

जिंक एक खनिज है जिसे आमतौर पर हेल्थ केयर उत्पादों से सम्बंधित है जो कि आपकी रोग प्रतिरोधक छमता को बढ़ावा देते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि जिंक प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए आवश्यक है प्रतिरक्षा सेलों के विकास के लिए जिंक कि आवश्यकता पड़ती है।

जिंक शरीर  के ऊतक बाधाओं को विशेष  तौर पर पचता है और बहरी रोगों को शरीर में प्रवेश करने से रोकता है।

जिंक कि कमी से प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक से काम करने के लिए प्रभावित करता है जिससे संक्रमण और बीमारी का खतरा बढ़ सकता है, जिसमे निमोनियाँ जैसी बीमारी मुख्य तौर पर शामिल हैं।

शोध के अनुसार दुनियां भर में स्वशन सम्बन्धी संक्रमणों में 16 % जिंक कि कमी के कारण पाया गया है। दुनियां  भर में 2 बिलियन जिंक कि कमी के कारण प्रभावित होते हैं, जो की वयस्कों में तो आम बात है।

जिंक कि खुराक आम तौर पर सर्दी कि तरह स्वसन तंत्र के संक्रमण से बचा जा सकता हैं एवं जो लोग पहले से बीमार है उनके लिए यह पोषक तत्व अधिक फायदेमंद हो सकते है जिंक को लम्बे समय तक लेना आमतौर पर स्वस्थ वयस्कों के लिए सुरक्षित होता है।

जिंक कितना लें?

जिंक कि दैनिक खुराक 40 मिलीग्राम तक स्वस्थ युवाओं के लिए सुरक्षित  है, लेकिन जिंक को अत्यधिक मात्रा में लेने से नुकसान भी हो सकते हैं।

अगर आप कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से बचना चाहते है तो आपको इन पोषक तत्वों की कमी न होने दें, अगर आप अपनी डाइट से इन पोषक तत्वों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो इन विटामिन्स को दवाइयों के रूप में जरूर लें।

 

 

 

 

 

 

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