धातु रोग क्या? जाने धातु रोग कितना खतरनाक है इसका इलाज व योग व्यायाम

धातु रोग एक ऐसा रोग है जो भारत ही नहीं बल्कि पुरे एशियाई देशों में जैसे भारत चीन पाकिस्तान बांग्ला देश आदि देशों में इसकी खूब चर्चा होती है इसी के चलते भारत में कई लोग इसको बहुत बड़ी बीमारी के रूप में भ्रम फैलाकर खुद ही इसका इलाज करके लोगों से मन चाहा पैसा खींच रहे हैं, लेकिन आपको इस लेख के द्वारा धातु रोग क्या हैं और इसका ईलाज कैसे किया जा  सकता है इसके बारे में जानकारी पा सकेंगें।

धातु रोग को  चिकित्सा विज्ञानं कोई बीमारी नहीं मानती डॉक्टर्स का मानना है की यह कोई बीमारी नहीं बल्कि यह लोगों का भ्रम है जिससे लोग डरते हैं उनको लगता है की यह एक बड़ी बीमारी है लेकिन यह साधारण एक प्राकर्तिक प्रक्रिया है जो किसी को भी हो  सकती है जिसके बारे में कई लोगों ने भ्रम फैला दिया है।

डॉक्टर्स बताते हैं की यह कोई जरुरी नहीं की शरीर से निकलने वाला चिप छिपा पदार्थ आपका वीर्य ही हो शरीर में कई ऐसी चीजें होती है जो आपकी पेशाब के जरिये निकलती हैं अगर आपके शरीर के अंदर कोई इन्फेक्शन या कोई और प्रकार परेशानी होने के कारण आपके शरीर से पस के रूप निकलता है जिसको हम वीर्य मान बैठते हैं।

अगर आपको फिर भी लगता है की मुझे धातु रोग की शिकायत हो  सकती  है तो आपको किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाना चाहिए इसके अलावा आपको अपनी दिनचर्या में सुधार कर सके हैं और अपने भोजन को संतुलित रखें, आपको अपने भोजन में पौष्टिक खाद्य पदार्थों का ज्यादा से जयदा सेवन करना चाहिए इसके अलावा आपको योग व्यायाम  जरूर करना चाहिए जो इस लेख के माध्यम से बताया गया है।

धातु  रोग के लिए कौन सा योग व्यायाम करें?

योग ऐसे व्यायाम हैं जो आपको प्रतिदिन करना ही चाहिए , योग आपके कई प्रकार के रोगों  को छुटकारा दिला सकता हैं। ऐसे पांच योगासनों के बारे में बताया गया है जिनका अभ्यास करके आपको धातु रोग में काफी मदत कर सकता हैं।

1.सर्वांग आसन 

सर्वांग आसन को आसनो की रानी कहा जाता है, इसे करने के लिए जमीं पर लेट कर अपने पैरों को ऊपर की तरफ सीधे कर देना हैं उसके पश्चात अपने पुरे शरीर का भार अपने कन्धों और अपने दोनों हांथों को पीछे कमर पर रखकर सहारा ले सकते हैं। इस आसान का अभ्यास सुबह खली पेट करना सही माना जाता है।

2.वज्र आसन  

इस आसान को खाना खाने के बाद करना अच्छा माना जाता है, इस आसन को करने से इंसान के शरीर में वज्र के सामान ताकत आ जाती हैं, इस आसान को करने के लिए अपने पैरों को घुटने से मोड़ कर  बैठ जाना हैं इस आसन को पांच से दस मिनट तक करना चाहिए। इस आसान को करते समय आपको अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखना है।

कहा जाता है की वज्र आसान को पांच मिनट तक करने से आपकी सुबह की अच्छी खासी सैर हो जाती है, और इसके साथ – साथ आपके धातु रोग के लिए फायदेमंद होता है।

3.ब्रम्भचार्य आसन

इस आसन को करने के बहुत अच्छे लाभ हैं, यह आसन वज्र आसन से मिलता झूलता है लेकिन इसके फायदे बिलकुल अलग हैं। इस आसन को करने के लिए सर्प्रथम वज्र आसन में बैठ जाना है और अब धीरे – धीरे  अपने पैरों के पीछे के हिस्से को बाहर की तरफ मोड़ना है, ध्या रहे आपको इस प्रक्रिया के दौरान आपको पाने पैरों को धीरे- धीरे मोड़ना हैं जिससे आपके घुटनो में कोई दिक्कत न हो।

इस आसन को खली पेट करें या फिर आपको खाना खाने के दो घंटे बाद करें जो आपके लिए अच्छा साबित होगा, इस आसन को स्वप्न दोष के लिए अच्छा माना जाता है । इस आसन को रात में करना बेहतर माना जाता है।

ध्यान रहे जिनका जल्द में ही कोई ऑपरेशन व घुटनो का ऑपरेशन हुआ है वो लोग इस आसन को करने से बचें।

4.सिद्धासन  

इस आसन को करने से आपकी धातु रोग समस्या के साथ साथ आपकी पाचन शक्ति मजबूत करता है। इस आसन को करने के लिए सर्प्रथम सोक आसन में बैठकर अब अपने दोनों पैरों की एड़ी  को एक एक दूसरे के पैर के ऊपर रख लेना है ध्यान रहे निचे वाले पैर की एड़ी को वहां रखना है जहाँ पर हमारे अंडकोष होते है।

यह दोनों पैरों की एड़ियों आपके शरीर से एक दम सटी होनी चाहिए इससे आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी हो जाएगी प्राणायाम में यह आसन काफी फायदेमंद माना जाता है।

5.शीर्षासन 

शीर्षासन को सभी आसन का राजा कहा जाता है क्योंकि इसके फायदे भी कुछ अनोखे हैं यह आसन धातु रोग में फायदों के साथ – साथ आपके बालों व चेहरे पर प्राकर्तिक सुंदरता ला सकता है।

जिस प्रकार सर्वांग आसन में आपके शरीर का भार आपके कंधो पर था उसी प्रकार शीर्षासन करते समय आपके शरीर का भार आपकी खोपड़ी पर होगा वीर की ऊध्र्वगति के लिए यह आसन बहुत फायदेमंद होता है, इसको करने से आँखों की समस्या से निजात मिलता है।

अगर आप इन योग आसनो का अभ्यास प्रतिदिन करते है तो आपको धातु रोग में काफी मदत मिलेगी आपको इन असानो का अभ्यास दिन के अलग – अलग समय में कर सकते है, लेकिन आपो हम फिर से जानकारी देना चाहेंगे की आपको अपने आहार को संतुलित रखना है किसी भी विटामिन व खनिज पदार्थों की कमी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि आपकी डाइट ही है जिसपर 70% फीसदी तक सारा कुछ निर्भर करता है।

अगर आपको यह सब प्रयोग करने के बाद भी कुछ फायदा नहीं है तो आपको किसी अच्छे डॉक्टर को अवश्य दिखाना चाहिए जिससे यह सही समय से यह पता चल पायेगा की आपको कौन सी परेशानी है।

क्योंकि आपको पहले ही बताया गया की की जरुरी नहीं की यह धातु रोग की समस्या हो कक और भी हो सकता है जिसकी वजह से आपको यह परेशानी आ रही हो और धातु रोग का इलाज करवा रहें हों।

मेडिकल चिकित्सा ने पहले ही बोला है की धातु रोग कोई रोग नहीं होता भारत में इस प्रक्रिया में धातु रोग नाम  दे दिया गया और लोगों के द्वारा इस रोग को काफी खतरनाक माना गया है जो की मेडिकल चिकित्सा नहीं मानती, लेकिन इसे काफी लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में सम्मिलित करके  इसका आयुर्वेदिक तरीके से इलाज करते हैं।

 

 

 

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