इलाइची के स्वास्थ्य लाभ उपयोग व नुकसान

किसी भी खाने पीने की चीज में स्वाद बढ़ाने के लिए इलाइची का उपयोग आमतौर किया जाता है । वैसे तो इलाइची बहुमूल्य मशालों की श्रेणी में आता है इलाइची का उत्पादन हमारे भारत में पर्याप्त मात्रा में किया जाता है तथा इसमें मुख्य रूप में केरल , तमिलनाडु  व कर्नाटक में मुख्य रूप में उत्पादन किया जाता है।

अधिकांश लोगों को यह भी नहीं पता होगा की इलाइची हमारे स्वास्थ को ठीक रखने में मददगार साबित होती है। यह हमारे शारीरिक बिमारियों को दूर करने में काफी सहायक होती है जैसे की मूत्र विकार , पाचन तंत्र , मुंख में बदबू , उलटी जैसी समस्या से छुटकारा दिलाती है। आइये अब हम इलाइची के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगें।

इलाइची कितने प्रकार की होती होती है ?

सबसे पहले हम जानेगें की इलाइची कितने प्रकार की होती है , आप लोगों को इलाइची के बारे में संसय होगा की की इलाइची कितने प्रकार की होती है तथा इसको कैसे पहचानेगें ?

यदि इसके प्रकार की बात करें तो यह दो प्रकार की होती है पहली छोटी इलाइची दूसरी बड़ी  इलाइची दोनों का उपयोग अलग – अलग प्रकार से किया जाता है। जैसे छोटी इलाइची का प्रयोग मुंह की बदबू के उपचार लिए किया जाता है व मठाईयों की खुसबू बढ़ाने के लिए किया जाता है यदि बात करें बड़ी इलाइची की तो इसका प्रयोग मसलों के तौर पर किया जाता है।

यदि बात करें इसकी इसकी पहचान की तो बड़ी इलाइची काळा रंग की होती है तथा छोटी इलाइची हलके हरे रंग की होती है। इलाइची को स्थानीय जगहों पर कुछ अन्य नामों से जाना जाता है जैसे भूरी इलाइची , नेपाली इलाइची , बंगाली इलाइची या लाल इलाइची।

इलाइची में पाए जाने वाले पोषक तत्व

100 ग्राम इलाइची में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की मात्रा निम्नलिखित है ।

सोर्स ऑफ़ इंटरनेट ( sorce of internet )

प्रोटीन – 11 ग्राम

वषा  –  7 ग्राम

पोटैसियम – 1119 मिली ग्राम

कार्बोहइड्रेट – 68 ग्राम

सोडियम – 17 ग्राम

फाइबर – 28 ग्राम

कैलोरी  – 300+

विटामिन  – B6

इलाइची का पौधा

इलाइची का पौधा दिखने में हरा तथा इसकी अधिकतम लम्बाई करीब 10 फुट ऊँची होती है । इलाइची के पौधों के पत्ते बरछे के आकर के होते हैं तथा इन पत्तों की लम्बाई 2 फिट होती है । इलाइची का पौधा 2 वर्ष 6 महीने से 4 वर्षों में तैयार हो जाता है।

इसमें फलों का आगमन गुच्छों के आकार में होता है इसी फल को हम छोटी इलाइची के नाम से जानते हैं । इलाइची के पौधे का जीवन काल करीब 10 से 13 वर्ष तक होता है इस पौधे को उगाने के लिए समुद्री हवा व छाया दार पेड़ों की आवश्यकता होती है । इन पेड़ों को बीज व जड़ों के द्वारा उगाया जाता है । इसका उत्पादन सबसे ज्यादा तर मैसूर , मालाबार , मंगलोर तथा श्री लंका में किया जाता है।

इलाइची खाने के फायदे

कई को तो यह भी जानकारी होगी कि इलाइची के भी फायदे हो सकते है ऐसे लोग केवल इलाइची को मात्रा स्वाद के रूप में उपयोग करते हैं। लेकिन इलाइची हमारे स्वस्थ को कई मायने में लाभ पहुंचती है। इसके बहुत सारे फायदे हैं  इलाइची के नियमित सेवन करतें हैं तो निश्चित ही आप को स्वस्थ रखने में मदद गार साबित हो सकतीं हैं । आइए अब mydailhelth के इस लेख से इलाइची खाने से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानेंगें।

इलाइची सर्दी , खांसी , जुकामगले कि खरास में फायदेमंद

मौसम के बदलाव से अनेक प्रकार के फ्लू का जन्म होने लगता है इस फ्लू में जो मुख्य रूप से हमारे स्वस्थ को नुकसान पहुंचने में जुकाम व सर्दी का बोलबाला रहता है । कमजोर रोगप्रतिरोधक छमता होने के कारण लोग इसकी चपेट में जल्दी आ जाते हैं इसी वजह से हमारे गले में खरास जैसी समस्या हो जाती है । ऐसी ही समस्याओं से बचने के लिए इलाइची को प्रयोग में ला सकतें हैं जो कि सर्दी जुकाम जैसी समस्या से जल्द छुटकारा मिल सकता है।

इलाइची कि सबसे अच्छी बात यह है कि इसका कोई साइड इफ्फेक्ट नहीं होता क्यूंकि यह यह आयुर्वेद में सबसे अच्छी जड़ी बूटी के रूप में प्रयोग में लायी जाती है । सर्दी जुकाम से निजात पाने के लिए आधा से एक ग्राम के बीच इलाइची का पाउडर बना लें उस पाउडर को आप  शहद के साथ मिलाकर तीन से चार दिनों तक सेवन करें जल्द राहत मिलेगी ।

ह्रदय स्वस्थ रखने में फायदेमंद

इलाइची में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो कि हमारे ह्रदय को स्वस्थ रखने में बढ़ावा देता है इलाइची कोलेस्ट्रॉल लेवल को काम करती है जिससे होने वाले ह्रदय रोग कम हो जाते हैं । यदि NCBI के अनुसार यह बताया गया कि बड़ी इलाइची छोटी इलाइची से ज्यादा फायदे मंद होती है ।

त्वचा के लिए फायदेमंद

NCBI के एक शोध में बताया गया कि इसका उपयोग आयुर्वेद के द्वारा कुष्ट रोग के इलाज के लिए दवाई बनाने में किया जाता है तथा इसी लिए इलाइची को संक्रमण रोधी कि मान्यता दी गई है ।

मुंह की दुर्गन्ध दूर करने फायदेमंद

जिन व्यक्तियों के साँस छोड़ने व मुख से बदबू आती है वह इलाइची का सेवन करके मुंह से आने वाली बदबू से छुटकारा पा सकते हैं । क्यूंकि इलाइची में जीवाणु रोधी गन मौजूद होते है यह आसानी से जीवाणुओं को हरा सकती है तथा इलाइची के दानों में कुछ ऐसे गुण मौजूद होतें हैं जो अंदर से आने वाली गंध या बदबू को मारने में मदद करती है । मुंह से आने वाली बदबू को दूर करने के लिए आप इलाइची की चाय पी सकते हैं या फिर आप गर्म पानी में इलाइची पाउडर डालकर कुल्ला कर सकते हैं ।

पाचन शक्ति को बढ़ाने में फायदेमंद

यदि आपके पेट में गैस व दर्द की समस्या रहती है तो समझ लीजिए आपका पाचन तंत्र ख़राब है इलाइची पाचन क्रिया को बढ़ाने में मदद करता है । यह पेट में होने वाली सूजन को कम करती है तथा पेट के दर्द में भी आरामदायक है । इसमें ऐसे ही कई  पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं।

इलाइची किडनी को स्वस्थ रखने में फायदेमंद

इलाइची रक्त चाप को कम करती है तथा पेशाब को गति प्रदान करती है जिससे होने वाले मूत्र रोगों से बचाने में सहायक है । पेशाब में गति होने के कारण किडनी जल्दी फ़िल्टर होती रहती हैं जिससे यूरिया व कैल्सियम मूत्र मार्ग के द्वारा निकल जातें हैं । किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आप इलाइची की चाय बनाकर पी सकते हैं।

इलाइची खाने से अल्सर में फायदेमन्द

इलाइची से अल्सर जैसी समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है एक शोध के दौरान इलाइची के अर्क में मौजूद गैस्ट्रिक अल्सर के आकार को कम करता है ।

इलाइची से होने वाले नुकसान

इसमें कोई दो राय नहीं कि इलाइची फायदेमंद नहीं है इलाइची में ऐसे गुण विद्यमान है जो हमारे स्वस्थ को बहुत सारे फायदे पहुंचाते है लेकिन इसका अधिक सेवन करने से कई नुकसान से सामना करना पड़ सकता है जैसे डायरिया , त्वचा में जलन , जीभ में सूजन  व कब्ज जैसी समस्या से सामना कारण पड़ सकता है । इस बात का ध्यान रहे कि एलर्जी वस क्सब्ज जैसी समस्या होने पर डॉक्टर को अवस्य दिखाएँ । इलाइची केवल समस्याओं में राहत दिला सकती है परन्तु इलाज नहीं कर सकती।

आपको एक बात फिर बता दूँ कि छोटी इलाइची कि अपेक्षा बड़ी इलाइची ज्यादा फायदेमंद होती है।

 

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