कलौंजी के फायदे व नुकसान

कलौंजी का परिचय व इतिहास 

देखा जाए तो कलौंजी का इतिहास बहुत पुराना रहा है , कई शताब्दियों से इसका प्रयोग एशिया , अरब व अफ्रीका जैसे देशों में दवाइयों व मशालों के तौर से प्रयोग में लाया जाता रहा है। बाइबल व आयुर्वद में भी कलौंजी की विस्तार पूर्वक व्याख्या की गई है। प्राचीन समय में एक यूनानी डॉक्टर हुआ करते थे जिन्होंने कलौंजी का प्रयोग सर्वप्रथम पेट के कीड़े व जुकाम से निजात पाने के लिए किया था।

यदि हम विकिपीडिया की माने तो कलौंजी 3000 हजार वर्ष पूर्व मिस्र के शासकों के द्वारा मृत शरीर में रखे जाने वाली सामग्रियों में से एक थी। 

इसका इतिहास बड़ा होने के कारण इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करेंगें , तो आइये अब हम कलौंजी के पौधे के बारे में बात करेंगे। 

कलौंजी का पौधा तथा इसका उत्पादन क्षेत्र 

कलोंजी एक झाड़िय पौधा है, इसको वनस्पति विज्ञान में निजेला सेटाइवा है जो की इसका मतलब निजर यानी काला से है। इसका उत्पादन क्षेत्र दक्षिण एशियाई व पश्चिम एशियाई क्षेत्र है। 

यह पौधा वार्षिक रूप में उगता है जिसकी ऊंचाई लगभग 20 से 30 cm होती है , इसकी पतली – पतली पत्तियां होती  हैं तथा इसकी फूलों की नीली पंखुड़ियां होती है। यदि हम इसके फूलों की लम्बाई की बात करें तो इसका फूल हल्का लम्बा होता है, जिसमें कलौंजी विद्यमान होती है, यह फूल धीरे धीरे गेंद के आकार में परिवर्तित हो जाता है इस गेंद में काले रंग के बीज मौजूद होते है जिन्हे हम कलौंजी कहते हैं। 

कलौंजी में पोषक तत्वों की मात्रा 

कलौंजी में पोषक तत्वों की मात्रा से भरपूर होती है जो की निम्नलिखित है-

1. प्रोटीन 

2 कर्बोहाईट्रेड 

3 वषा 

4 ओमेगा – 6

5 ओमेगा – 3

7 ओमेगा – 9 

अन्य पोषक तत्त्व – आयरन , पोटैसियम , कैल्सियम तथा फाइबर करीब 15 एमिनो एसिड पाए जाते हैं।

कलौंजी के फायदे  

कलौंजी यादास्त बढ़ाने में फायदेमंद

सबसे जयादा यादास्त शक्ति कमजोर बुजुर्गों में देखी गई है उम्र के साथ बढ़ते ही उनकी शारीरिक क्रियाएँ भी कमजोर पड़ जाती हैं। कलौंजी का सेवन करने से काफी हद तक कमी आती है, यह स्मरण शक्ति को बढ़ाता है तथा एकाग्रता को भी बढ़ाने में मदद गार साबित हो सकती है। इसका इस्तेमाल आप शहद के साथ कलौंजी के तेल को आपस में मिलाकर सेवन करें स्मरण शक्ति को मजबूत करेगी।   

कलौंजी ह्रदय के लिए फायदेमंद 

कलौंजी में ऐसे गुण मौजूद होते हैं जो हमारे ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है , इसका इस्तेमाल आप बकरी के दूध के साथ कलौंजी का तेल उसी अनुपात में मिलाकर सेवन करने से ह्रदय स्वस्थ रहता है।

कलौंजी कैंसर में फायदेमंद 

पूरी दुनियां में कैंसर वर्त्तमान में बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है लेकिन कलौंजी में कुछ ऐसे गुण विद्द्मान होतें हैं जो कैंसर को बढ़ने से रोकते हैं। दिन में तीन बार अंगूर के जूस में कलौंजी के 1 चम्मच तेल मिलकर सेवन करें।

कलौंजी आँखों के लिए फायदेमंद  

आम तौर पर देखा गया है कि उम्र के साथ आँखों कि रोशनी कम होती है तो इसमें आप डॉक्टर कि सलाह अवश्य लें , लेकिन इसमें कुछ हद तक ही लाभ पाने के लिए कलौंजी को इस्तेमाल में लाया जा सकता है जैसे आँखों का लाल होना , मोतिया बिन्द तथा आँख से पानी आने जैसी समस्या में।

2 चम्मच कलौंजी के तेल में गाजर के जूस को मिलाकर सुबह शाम करें।

कलौंजी सिर दर्द में फायदेमंद 

भाग दौड़ भरी जिंदगी में सिर दर्द जैसी समस्या आना आम बात हो गई है , इसको दूर करने के लिए हम दवाइयों के आदि हो गए हैं जो कि हमारे स्वास्थ के लिए हानिकारक है। कलौंजी में ऐसे गुण मौजूद हैं जिसमें प्राकर्तिक तरीके से सर दर्द को दूर क्या जा सकता है।

कलौंजी का आधा चम्मच तेल सुबह शाम पीने से सिर दर्द काम होता है या फिर आप कलौंजी के तेल से सिर पर मालिश करें।

कलौंजी महिलाओं के लिए फायदेमंद 

अधिकतर महिलाओं में देखा गया है कि जोर दार मासिक दर्द व पानी आने जैसी समस्या से सामना करना पड़ता है इससे निपटने के लिए आप कलौंजी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

आधा चम्मच कलौंजी का तेल तथा दो चम्मच चीनी का ले लें , फिर उसके बाद आप कुछ पुदीने की पत्तियां लें , फिर दो कप पानी में उन पत्तियों को अच्छे से उबाल लें फिर उसे किसी बर्तन में छान लें , तीनों को आपस में मिलाकर इसका एक महीने तक सेवन करें।  

कलौंजी के तेल से वजन कम करने में फायदेमंद 

यदि आप भी वजन कम करना कहते हैं तो कलौंजी बहुत सस्ती व अच्छी है जिससे वजन काम करने में सहायक साबित हो सकती है। 

कलौंजी के तेल को आधा चम्मच ले लें उसके पश्चात गुनगुने पानी में शहद को अच्छे से मिला लें , इस मिश्रण को आप तीन दिन में सुबह , दोपहर , शाम को पियें ।

कलौंजी मधुमेह में फायदेमंद 

मधुमेह से पीड़ित रोगियों में कलौंजी का तेल काफी कारगर शाबित हो सकता है। यह समस्या 35 वर्ष से अधिक उम्र में अधिक देखी गई है। 

आप कलौंजी के तेल को रोजाना काली चाय बनाकर उसमें मिलाकर सुबह – शाम पिएँ , इसका सेवन केवल  एक महीने तक बराबर करना है।

कलौंजी का सेवन करने से होने वाले नुकशान 

कलौंजी के सेवन करने से निम्नलिखित नुकसान हो सकते हैं –

1 कलौंजी का सेवन उन महिलाओं को नहीं करना चाहिए जिनको मासिक गुण धर्म आता है क्यूंकि यह जल्दी – जल्दी मासिक गुण धर्म लाता है।

2 गर्भावस्था के दौरन इसके सेवन करने से बचना चाहिए , लेकिन स्तनपान करने वाली महिलाओं को सीमित मात्रा में कर सकती हैं। 

3 जिन व्यक्तियों को गर्मी की समस्या अधिक होती है उनको सेवन करने से बचना चाहिए।

4 इसका सेवन करने से अमाशय में खराबी या जलन जैसी समस्या से सामना करना पड़ सकता है। 

5 कलौंजी रक्त चाप को कम कर सकती है।  

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