वैक्सीन से सम्बंधित कुछ प्रश्नो के उत्तर व जाने कौन सी वैक्सीन सबसे कारगर

आप अकेले नहीं  हैं जो वैक्सीन लगवाने की सोच रहे हैं कई लोग ऐसे जो टिका लगवाने की कब से सोच रहे हैं लेकिन उनके दीमक में  कई प्रकार के प्रश्न उठते होंगे, कि वैक्सीन टिका लगवाया जाये या नहीं क्या इसका कोई दुष्प्रभाव तो नहीं होगा, कौन सा टिका सही रहेगा, टिका कितने दिनों तक वाइरस से बचा पायेगा आदि प्रकार के प्रश्न उठते हैं।

कई लोग इसके विपरीत सोचते हैं जो ठीके के प्रति उत्साहित होते हैं।  इन सब सवालों के बारे में जब एक्सपर्ट डॉक्टरों से पूछा गया तो उन्होंने क्या बताया आगे देखते हैं।

ब्लैक कोलियाशन के सह सस्थापक डॉक्टर टक्सन ने एक वेबसाइट को दिए गए इंटरव्यू में कुछ सामान्य प्रश्नों के उत्तर दिए

1. क्या मुझे वैक्सीन से COVID-19 हो सकता है?

डॉक्टर टक्सन ने बताया की वैक्सीन से covid  होना असंभव है उन्होंने  समझाते हुए कहा की इसमे पूर्ण वायरस नहीं होता है, इसलिए यह संक्रमण का कारण नहीं बनता है, तथा संक्रमण के बजाय टिका आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करके भविष्य में होने वाली बीमारियों से बचाव करता है।

 

2. क्या टीके बांझपन का कारण बन सकते हैं?

टक्सन ने बताया की टिका प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है  इस प्रकार के प्रशनों का समर्थन करने के लिए अभी कोई सबूत नहीं हैं
कि टीका प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है,  यह केवल लोगों एक भय बना है जो नहीं होना चाहिए। उन्होने दोबारा फिर बोला की बाजार में जितने भी टिके हैं उनसे बाँझपन  होने का कोई खतरा नहीं हैं।

 

3. यदि मैं पहले से ही COVID-19 से ग्रसित  तो क्या मुझे टीका लगवाना चाहिए?

टक्सन ने बताया की मै उनसे यही कहूँगा की आपको वैक्सीन जरुर लगवानी चाहिए क्योंकि हम नहीं जानते की  संक्रमण से उबरने के पशचात आपकी प्रतिरक्षा  प्रणाली आपको कितने समय तक बचा पायेगी। उन्होंने बताया की की covid-19 से उभरने के पश्चात आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली 8 महीने तक चल सकती है लेकिन इसके पुख्ता सबूत अभी नहीं हैं।

हम सबसे आग्रह करेंगे की की वह सभी लोग वैक्सीन जरुर लगवाएं ताकि हमें अपने ऊपर खुद भरोसा पैदा हो सके की हम इस वायरस से अधिक समय तक सुरछित रह पाएंगे।

 

4. कोरोनावायरस वेरिएंट के बारे में क्या?

टक्सन ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए कहा की कोरोना वायरस के नए वेरिएंट खतरा पैदा कर सकते है इसलिए हमें बहुत जरुरी है की ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन जल्दी लग जाये जिससे लोगों की रोगप्रतिरोधक छमता को मजबूत बना पाएंगे तभी हम इस पर काबू पा सकेंगें।

उन्होंने बताया की ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करने से हम लोगों की इम्युनिटी को मजबूत करके आने वाले नए वेरियंट को रोका जा सकता है और भविष्य में इस बीमारी से हमेसा के लिए निजात पा सकते हैं।

अगर वैक्सीनेशन में लापरवाही की गयी तो covid-19 के नए वेरिएंट और भी खतरा पैदा कर सकते हैं।

5. covid-19 वैक्सीन के कितने गंभीर होते हैं?

टक्सन ने समझाया की इसके कोई ऐसे साइड इफेक्ट नहीं जो आपको लम्बे समय के लिए बीमार कर सकें, लेकिन वैक्सीन लगने के पश्चात आपको हल्का फ्लू या सर्दी , बुखार जैसे साधारण लक्षण हो सकते हैं, लेकिन ये केवल प्रतिरक्षा प्रणाली के टीके के प्रति प्रतिक्रिया करने और वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा का निर्माण करने के संकेत हैं, जिससे आप यह समझ सकते हैं की आपका टिका आपके शरीर की रोगप्रतिरोधक छमता को मजबूत कर रहा है। 

वैक्सीन लगने के पश्चात आपको लालिमा, सर्दी जुखाम बुखार शरीर में दर्द आदि समस्या हो रही है तो आपको अपने डॉक्टर को जाकर एक बार दिखा देना चाहिए जो की कुछ समय बाद ठीक हो जायेगा।

अगर पहली डोज के बाद covid-19 हो गया तो अगली डोज कब लगवाएं?

यदि पहली खुराक लेने के 21 दिनों के भीतर संक्रमण हो गया, तो इसका मतलब है कि वैक्सीन ने अपना असर दिखाना शुरू नहीं किया और व्यक्ति संक्रमित हो गया। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक संक्रमण ठीक होने के बाद 28 से 56 दिनों के बीच दूसरी खुराक लेनी चाहिए। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक स्वस्थ होने के बाद व्यक्ति 60 से 180 दिनों के बीच वैक्सीन की दूसरी खुराक ले सकता है।

 

यदि संक्रमण पहली खुराक लेने के 21 दिनों के बाद हुआ है, तो यह एक बूस्टर खुराक के रूप में कार्य करेगा। ऐसे में लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होते और व्यक्ति आसानी से स्वस्थ हो जाता है। ऐसे लोगों को टीका की दूसरी खुराक 6 महीने बाद ही लेने की सलाह दी जाती है।

 

भारत की कौन सी वैक्सीन सबसे अच्छी है ? कोविशील्ड या कोवैक्सिन

वैक्सीन के लगातार चरणों में लोगों को दिया जा रहा है पहले 45 वर्ष से अधिक वर्ष वालों को केंद्र सरकार द्वारा   टीकाकरण किया जा रहा  है, वहीँ 18 से 44 वर्ष के नागरिकों को राज्य सरकार द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है।

लोग वैक्सीन को लगातार लगवा रहे है और अपना अनुभव लोगों को बता भी रहे है, मुख्य रूप से अभी दो प्रकार की वैक्सीन लगायी जा रही हैं जिसमें पहली है कोवैक्सीन और दूसरी है कोविशील्ड  इन दोनों के बिच लोगों में अभी संशय बना हुआ है की कौन सी वैक्सीन हमारे लिए कारगर होगी।

लोग अक्सर यह खोज रहें हैं की भारत की कौन सी वैक्सीन बेहतर है, अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं तो आपको इसके बारे में निचे पढ़ना चाहिए।

 

कोविशील्ड बनाम कोवैक्सिन – Mohfw.gov.in। के अनुसार
कोवशील्ड विवरण

इंट्रामस्क्युलर वैक्सीन
डेवलपर – ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा निर्मित।

1.वैक्सीन प्रकार –

  • वायरल वेक्टर प्लेटफॉर्म का उपयोग करके बनाया गया
  • हानिरहित चिंपैंजी एडेनोवायरस शामिल है – ChAdOx1 रिसीवर को संक्रमित करने में असमर्थ
  • सक्रिय वायरस के खिलाफ रक्षा तंत्र तैयार करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को सिखाता है।
  • इबोला के खिलाफ वैक्सीन विकसित करने के लिए इसी तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
  • आवश्यक खुराक – दो खुराक

 

2.प्रभावकारिता – मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार एक अच्छी 81.3% प्रभावकारिता दर।

3.कीमत- सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में 400 रुपये प्रति डोज मुफ्त।

4.कोविशील्ड साइड इफेक्ट – सबसे आम:

  • इंजेक्शन स्थल पर दर्द 
  • सरदर्द
  • थकान
  • मांसपेशियों या जोड़ों का दर्द
  • बुखार
  • ठंड लगना
  • जी मिचलाना

 

कोवैक्सिन विवरण

इंट्रामस्क्युलर वैक्सीन
डेवलपर – हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया गया है।

1.वैक्सीन प्रकार –

  • निष्क्रिय टीका
  • संपूर्ण-विरियन निष्क्रिय वेरो सेल-व्युत्पन्न तकनीक के साथ विकसित
  • निष्क्रिय वायरस से युक्त, कोवैक्सिन प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय वायरस के खिलाफ एक रक्षा तंत्र तैयार करना सिखाता है।
  • मौसमी इन्फ्लूएंजा, रेबीज, पोलियो और अन्य जैसे विभिन्न रोगों के लिए टीके विकसित करने के लिए इसी तरह की तकनीकों का
  • उपयोग किया गया है।

2.आवश्यक खुराक – दो खुराक आहार
3.प्रभावकारिता – मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार, 80.6% प्रभावकारिता दर का एक अच्छा परिणाम।
4.कीमत- सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में 600 रुपये प्रति डोज मुफ्त।
5.Covaxin दुष्प्रभाव – सबसे आम:

  • दर्द या सूजन या इंजेक्शन स्थल पर लालिमा या खुजली
  • ऊपरी बांह की जकड़न
  • इंजेक्शन हाथ की कमजोरी
  • शरीर में दर्द
  • सरदर्द
  • बुखार
  • अस्वस्थता
  • दुर्बलता
  • चकत्ते
  • जी मिचलाना
  • उल्टी

 

 

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