नींद क्यों आवश्यक है कम सोने के क्या नुकसान हो सकते हैं

यह कहना कठिन है की हर व्यक्ति कितने घंटे की नींद ले सकता है क्यों कि प्रत्येक व्यक्ति की अपनी  अलग दिनचर्या  होती है , लेकिन एक प्रौढ़ व्यक्ति 7 से 8 घंटे की नींद लेता है,ताकि अपनी आधारीय नींद की जरूरतों को पूरा कर सके। यह व्याख्या केवल वंहा तक सिमित है , जिससे हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें। एक शोध के दौरान यह पाया गया कि अधिकतर अमेरिकन नींद का ऋण जमा करके रखते हैं। जो नींद के प्रभावों को काफी कठिन बना सकता है , इसी लिए नींद कि गुणवत्ता भी अच्छी होनी भी बहुत जरुरी है। नींद कि गुणवत्ता के बारे में जब बात करें तो उदहारण के तौर पर अक्सर लोग रात में 9 घंटे की नींद लेते हैं, फिर भी सुबह उठने पर उनको नींद से संतुष्टि नहीं मिलती क्यों कि उनकी नींद कि गुणवत्ता ख़राब है।

भरपूर नींद हमारे लिए क्यों आवशयक है ?

1 नींद यादास्त बढ़ाने में सहायक 

एक शोध के दौरन यह बताया गया कि नींद यादों को पक्का करने में महत्व पूर्ण योगदान प्रदान करती है इसमें मुख्य तौर पर कॉलेज के विद्द्यार्थियों के द्वारा तथ्यों व आकड़ों को याद करने में मदतगार साबित होती है।

2 नींद वजन को औसत बनाये रखने में सहायक 

मरक विज्ञानं (EPIDEMIOLOGICAL) के एक शोध के दौरान  नींद की अवधी के बिच सह- सम्बन्ध (Co-Relation) दिखाती है। विशेज्ञों के द्वारा माना जाता है की नींद वचन (Depereivation) दिमाक के एक भाग हाइपोथैलमस के कार्य नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है , हाइपोथेलेमस शरीर का वह भाग है जो हमारी भूख प्यास खाने की इच्छा को संकेतों को नियमित करता है।

 नींद की कमी से होने वाले नुकसान

  1. मोटर वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं का संकट 
  2. मानसिक स्थिति का बढ़ा हुआ संकट जिसमे डिप्रेशन और नशीले पदार्थों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
  3. ध्यान देने और नयी सुचना को  आत्मसात करने की घटी हुयी छमता।
  4. चिड़चिड़ापन,
  5. संज्ञानात्मक छति
  6. यादास्त छमता में कमी 
  7. गलत नैतिक निर्णय 
  8. अधिक जमुहाइयों का आना 
  9. रोग प्रतिरोधक छमता में कमी 
  10. मधुमेह रोग होने का खतरा 
  11. ह्रदय रोग का खतरा 
  12. मोटापे का खतरा 

नींद के लिए जैविक घड़ी

नींद के लिए एक जैविक घडी होती है जिसे मास्टर क्लॉक के नाम से जानते हैं, यह वास्तविक रूप से दिमाग में स्थिति 20 हजार स्नायु कोशिकाओं के समूह से बनती है, इन्हे Suprachiasmatic Nucleus कहा जाता है।

SCN  हाइपोथैलेमस में स्थित रहता है, और उनकी प्रणालियों को नियमित करता है, जिसमे जैव चक्रीय Rhythms  भी शामिल है।

SCN  नींद को नियमित रूप से संचालित करता है जो की मेलाटोनिन के द्वारा किया जाता है मेलाटोनिन एक ऐसा हार्मोन है जिससे हम नींद का अनुभव करते हैं।

SCN  क्या है?

SCN  20 हजार स्नायु कोशिकाओं के समूह से बनती है इसे हम Suprachiasmatic  Nucleus  कहते हैं, SCN  हाइपोथेलेमस के भाग में स्थित रहता है, SCN  नींद लेन में मदत करता है, SCN  द्वारा मेलाटोनिन द्वारा हॉर्मोन का उत्पादन करता है, जिससे नींद का अनुभव होता है।

मनुष्य व पशुओं में नींद की आवश्यकता क्यों?

बहुत सारे अध्यनो में यह बताया गया है की नींद पशुओं को जीवित रहने के लिए आवश्यक है, उदहारण के अनुसार – अदि चूहों को नींद से वंचित रखा जाये तो केवल वह 2 से 3 हफ्ते ही जीविंत रह सकते हैं ।

मनुष्य पर किये गए अध्यन में यह बताया गया है की अधिक नींद की कमी से अधिक संभ्राति (Extreme Paranoia) की ओर ले जाती है, और भ्रम जैसी समस्या उत्पन्न करती है।

नींद आने के फायदे 

1. ऊर्जा संरक्षण 

नींद के दौरान उपपाचयी दर बहुत कम रहती है, और यह बताता है की सोने का समय जागने की अवस्था के दौरान प्रयोग की गयी ऊर्जा की मात्रा के अनुपात में होता है 

2. यादास्त की मजबूती 

कई अध्यनो के दौरान यह पाया गया है की नींद सिखने को यादास्त प्रोत्साहित करती है दिन के समय हम अनुभव में खो जाते हैं, कुछ चीजों को याद रखा जाता है बल्कि कुछ चीजों को याद रखने की जरुरत नहीं पड़ती।

कुछ सिद्धांतों में कहा गया है की नींद हमें दिन के विचारों और अनुभवों को दोबारा व्यवस्थित करने देती है ताकि जो मत्वपूर्ण है उन्हें इकठा किया जाये और जो जरुरी नहीं है उन्हें छोड़ दिया जाये।

3. परभक्षियों से सुरक्षा ( Pootaction from  Predators)

ऐतहासिक रूप से नींद के समय पशुओं और मनुष्यों की निष्क्रियता परभक्षियों के सामने का संकट कम कर सकता है।

4. मष्तिष्क का विकास 

शिशु एवं भ्रूण विकास में लम्बी समय अवधियों के लिए होती है जिससे यह सुझाव मिलता है की नींद मष्तिस्क के अंतर मरथन की बनावट के लिए महत्वपूर्ण है।

क्या कम  सोना ठीक है ?

कम सोने की बात की जाये तो सबसे पहले यह देखना महत्वपूर्ण है की व्यक्ति कितनी नींद प्राप्त करता है तथा किस प्रकार के काम करने वालों के लिए कितनी नींद की आश्यकता है और इन दोनों में कितना अंतर है।

जिन व्यक्तियों को पर्याप्त नींद मिल जाती है वह सोचते है की अब हम आराम में हैं, और पूरा दिन उनमे ऊर्जा का संचार होता रहता है, अधिकतर लोग यह सोचते रहते है की 7 – 8 घंटे की नींद चाहिए, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्नियां, सैनफ्रांसिस्को, के शोध कर्ताओं ने यह पाया की कुछ लोग का DEC2 कहलाने वाले Gene  में वाकई में परिवर्तन होता है, जिसे वह रात में 6 घंटे की नींद के बाद भी भली प्रकार काम करने योग्य हो जाते हैं।

अधिक नींद प्राप्त करने के लिए कुछ सुझाव 

  1. सोने उठने  का नियमित समय बनायें , इसमें वीकेंड भी शामिल होना चाहिए 
  2. बराबर आराम देना वाला सोने के समय का नियमित क्रम स्थापित करना है 
  3. नींद के अनुशार पर्यावरण बनाओ, जहाँ अँधेरा हो वह आराम दायक ठंडा स्थान हो 
  4. जो टेक्निकली चीजों को  आपकी नींद में बाधा डालती है जैसे की फ़ोन, कंप्यूटर, आदि को बंद कर दें .
  5. अपने बिस्टेर को केवल सोने के लिए ही प्रयोग करें .
  6. सोने से दो तीन घंटे पहले भोजन अवश्य कर लें
  7. नियमित रूप से व्यायाम करें।
  8. कैफीन पदार्थों से दुरी बनायें जैसे की चाय काफी व चॉकलेट
  9. सोने से पहले शराब का सेवन न करें क्योंकि शराब साधारण नींद में बाधा डालती है।

दिनभर आराम की तकनीकियों का अभ्यास करें, एक शोध में बताया गया है की व्यक्तियों को जल्दी सोने में सहायता करती है।

 

 

 

 

 

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