स्थूल व्यायाम क्या है व स्थूल व्यायाम के प्रकार sthool vyayam in hindi

आज लेख में स्थूल व्यायामों के बारे में जानेंगे इसमें हम स्थूल व्यायामों की विधि के बारे में जानेंगे व इसके लाभ तथा समय के बारे में जानेंगें।

स्थूल व्यायाम के प्रकार

स्थूल व्यायाम  के 5 प्रकार के होते हैं

  1. रेखा गति
  2. ह्रदय गति
  3. उर्धव गति
  4. सर्वांगपुष्टि
  5. उत्कूर्दन

1.रेखा गति

सर्वप्रथम इस व्यायाम को करने के लिए सावधान की मुद्रा में खड़े होकर दोनों पैर एक साथ गर्दन सीधी, दोनों हाथ जगहों के बदल में सांसों की गति सामान्य रूप से चलती रहेगी।

अब अपने बाएं  पैर को जमीन पर रखेंगे और दाएं पैर बाएं पैर से आगे रखेंगे, दाएं पैर  का अंगूठा और दाएं एड़ी आपस में स्पर्श करेंगे, अब दाएं पैर पर शरीर का भार गोल घुमाते हुए आगे रखेंगे, ध्यान रहे गर्दन बिलकुल सीधी रहे।

अब ऊपर बताई प्रक्रिया के साथ आगे की तरफ चलते रहना है, 8 – 10 कदम जाने के बाद फिर उसी प्रक्रिया  के साथ पीछे की तरफ वापस आना है, इस प्रक्रिया को आप उसी प्रकार दोहरा सकते हैं।

2.उर्धव गति

सर्प्रथम दोनों हाथों को अपने बगल से उठाकर ऊपर की तरफ लें जाएँ, अब हथेलियां सामने की ओर गर्दन सीधी, अब अपने बाएं पैर को जमीं से लगभग एक फिट पीछे की ओर और अपनी बायीं कोहनी को ऊपर 90 डिग्री पर मोड़ेंगे, अब बाएं पैर को जमीं पर रखेंगें साथ ही साथ बाएं कोहनी को ऊपर सीधा कर देंगें।

अब दाहिने  के पैर को जमीं से एक फिट की दुरी पर पीछे की तरफ मोड़कर उठाएंगे, इस प्रक्रिया को गति और रिधम के साथ करेंगें, इस प्रक्रिया के दौरान अपनी साँस को अंदर बहार निकलते और भरते रहेंगें।

3.ह्रदय गति

सर्प्रथम आपको सावधान की स्थिति में खड़े हो जाना है अपनी पीठ व गर्दन एकदम सीधी, अब अपने हाथों की मुठी बनायेंगें, अंगूठा अंदर व अंगुलियां बहार की ओर, अब दोनों हाथों की कोहनियों को 90 डिग्री तक ऊपर की तरफ मोड़ना है।

अब अपने दाएं घुटने को मोड़ लेंगें, और बाएं हाथ को सीधा कर देंगें, और दाएं पैर को  90 डिग्री तक पीछे की ओर मोड़ना है, दूसरी तरफ यानि दाहिने हाथ को सीधा करेंगें और बाएं पैर को 90 डिग्री तक पीछे को ओर मोड़ेंगें अब इस प्रक्रिया को रिधम में करेंगें तथा अपनी सांसों को अंदर व बहार करते हुए आगे की ओर जायेंगे और फिर उसी प्रक्रिया के साथ पीछे की तरफ आएंगे।

4.उत्कूर्दन

सबसे पहले सावधान की स्थिति में खड़े हो जाएँ, अब अपने हाथों की मुट्ठी बढ़ेंगें इसके बाद हाथों को सीधे ऊपर की तरफ लेजाकर गोल घूमते हुए निचे कोहनियों से 90 डिग्री पर हाथों को रोक लेंगें, साथ में साँस को रोककर  अब गति  के साथ दोनों घुटनो को एक साथ मोड़कर शरीर को ऊपर की तरफ उछलना और फिर कूदना है सी प्रक्रिया के साथ – साथ अपने हांथों को भी ऊपर उछलते समय हाथों को पीछे की तरफ खींचना साथ में साँस को भरेंगे  और निचे आते समय हाथों को सीधा कर देंगे और साँस छोड़ देंगें।

इस व्यायाम को रिधान व तेज गति के साथ करना है।

5.सर्वांग पुष्टि 

सर्वप्रथम सव्दगहण की स्थिति में खड़ा हो जाना है अब दोनों हाथों की मुठ्ठी बना लेंगें हाथ सावधान की स्थिति में, अब दोनों पैरों के बिच थोड़ी जगह बनायेंगें  जगह आपको इतनी बनानी है जितनी की आराम दायक हो सके।

पंजे सीधे दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर कलाइयों से एक दूसरे हाँथ को क्रॉस करेंगें, अब साँस को भरकर  शरीर की बायीं ओर मोड़कर शरीर  को बायीं ओर निचे की तरफ झुका देंगें,

अब अपने हाँ तो की कलाइयों को बदलकर साँस भरते हुए फिर से ऊपर की तरफ शरीर को घूमते हुए सीधे होते होते साँस भर लेंगे और फिर साँस  दायीं ओर चले जायेंगें।

अब फिर से काली को बदलेंगें और साँस भरते हुए पीछे से शरीर घुमाकर सीधा होकर स्वांस छोड़ते हुए दुसरु तरफ जायेंगे इस प्रक्रिया को रिधम के साथ करेंगे।

इन  पांच स्थूल व्यायामों को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें, इनका अभ्यास करने से तमाम प्रकार के शारीरिक व मानशिक रोगों से निजात मिलती है और शरीर स्वस्थ रहता है।

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