त्रिकोणासन करने की विधि और लाभ trikonasana in hindi

त्रिकोणासन What is trikonasana in Hindi

त्रिकोण आसन जो की बहुत ही सरल आसन है इस आसन को त्रिकोण आसन इस लिए कहा जाता है क्योंकि इस आसन को करते समय हमारा शरीर एक त्रिकोण की आकृति ले लेता है। 

अपने शरीर पर बेहतर पकड़ बनाने के लिए इस आसन का अभ्यास  किया जा सकता है यह आसन आपकी एकाग्रता को बढ़ाने में मदत करेगा जिससे आपको दूसरे आसन करने में आसानी होगी। तो चलिए जानते है की इस आसन को कैसे करना है और इसकी  सावधानियाँ व लाभ के बारे में। 

त्रिकोणासन करने की विधि Method of trikonasana in Hindi 

चरण- 1 

 

 

इस आसान को करने के लिए आप सीधे खड़े हो जाएँ, अब फर्स पर एक आराम दायक दुरी पर खड़े हो जाएँ, और धीरे- धीरे अपने हाथों को ऊपर की तरफ उठायें और इतना उठायें की आपके हाथ आपके कन्धों के सामान आ जाएँ, ध्यान  रहे आपके हाथ एकदम सीधे रहें  ऊपर निचे या आगे पीछे नहीं। 

अब अपने बाएं पैर के पंजे को सीधा रखते हुए अपने दाहिने पैर को 90 डिग्री तक घुमाएं, ऐसी अवस्थ में एक गहरी साँस लें और फिर धीरे-धीरे साँस को छोड़ते हुए अपने शरीर को दाहिनी ओर कमर से झुकाएं , दाहिने हाथ से अपनी दाहिनी एड़ी छूने का प्रयास करें। 

अब अपने बाएं हाथ को ऊपर आसमान की ओर उठायें, कई लोग अपने हाथ को ऐड़ी तक पहुंचने में असमर्थ होते हैं अगर आप भी उनलोगों में से है तो आपको अपना हाथ वही तक ले जाना है जहाँ तक आपका हाथ पहुँच सके, कुछ देर तक ऐसी स्थिति में रहें और सामान्य रूप से साँस लें और फिर छोड़ें, पुरे शरीर में आराम का अनुभव करें, और धीरे-धीरे साँस लेते हुए वापस ऊपर की ओर आएं। 

चरण- 2 

 

 

अब अपने दाहिने पैर को सीधे कर लीजिए, अब अपने बाएं पैर को 90 तक घुमाएं और धीरे-धीरे साँस लें और फिर धीरे-धीरे साँस को छोड़ते हुए अपने शरीर को बाईं कमर से झुकाएं, अपने दाहिने हाथ को आसमान की तरफ उठायें और  बाएं हाथ से अपनी बाईं एड़ी को छूने की कोशिस करें। 

अब कुछ देर तक इसी अवस्था में रुकें और सामान्य रूप से साँस लें और फिर छोड़ें, और पूरे शरीर में आराम का अनुभव करें, और धीरे-धीरे साँस लेते हुए ऊपर की ओर वापस आ जाएँ। 

 

इस योग को गहरा करने का तरीका 

जब हम एक हाथ से अपनी एड़ी को छूने का प्रयास कर रहे होते हैं और दूसरा हाथ आकाश की तरफ होता है ऐसी स्थिति में हमें अपनी गर्दन को घुमाकर ऊपर वाले हाथ की हथेली की तरफ देखने का प्रयास करना चाहिए। 

यह त्रिकोण आसन का एक चक्र समाप्त हुआ आप इस आसन को दोबारा इसी प्रक्रिया में दोहरा सकते हैं। 

त्रिकोण आसान के लाभ Benefits of Trikonaasana in Hindi

1.   यह आसन जितना सरल है उतना ही उपयोगी भी है। 

2.  इस आसन में साँस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया में मानसिक चिंताओं से मुक्ति मिलती है। 

3.  इसके नियमित अभ्यास के कमर व पेट के आसपास की बढ़ी चर्बी को कम करता है और शरीर को सुडौल       बनाता है। 

4.  यह आसन आपके कमर की मासपेशियों को मजबूत बनता है। 

5.  आपके चिपटे तलवों की समस्या से बचाता है। 

6.  यह आसन आपकी जांघो को मजबूत व लचीला बनता है। 

7.  आपके कंधो को मजबूत बनता है तथा उनमें लचीलापन लाता है। 

8.  आपकी रीढ़ की हड्डी को लचीलापन देता है जिससे आप कई होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं।

9.  यह आपके पाचन क्रिया को सुधारकर शक्तिशाली बनता है  

 

सावधानियाँ 

अगर आपके पीठ या रीढ़ में पहले से कोई चोट है तो आपको इस आसन को करने से बचना चाहिए। जिन लोगों को स्लिप डिस्क जैसी समस्या है वे लोग इस आसन को करने से बचें। अगर इस आसन को करते समय किसी भी अंग में दर्द व परेशानी हो रही है तो आपको इस आसन को करने से बचना चाहिए और किसी डॉक्टर या योग चिकित्सक से इसके बारे में सलाह लेनी चाहिए। 

 

 

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